देश के 54 जलाशयों में पानी का स्तर 80 फीसदी से घटा, जानिए मुंबई की झीलों का ताजा हाल

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New Delhi News: देश भर के जलाशयों में पानी का कम स्टोरेज चिंता बढ़ा रहा है। सेंट्रल वॉटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार 166 में से 54 जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य स्थिति के 80 प्रतिशत से कम है। मानसून सीजन में कम बारिश होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

देश भर के जलाशयों का घटा वॉटर लेवल

बीते हफ्ते 16 से 22 जुलाई के बीच पूरे देश में लगभग सामान्य बारिश दर्ज की गई। हालांकि 1 जून से 25 जुलाई तक कुल मिलाकर 15 फीसदी कम बारिश हुई है। सेंट्रल वॉटर कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 166 प्रमुख जलाशयों में जल स्तर पिछले साल से 36 प्रतिशत कम है।

इन जलाशयों में अभी 70.43 बीसीएम पानी ही मौजूद है। यह इनकी कुल क्षमता का केवल 38.37 प्रतिशत हिस्सा है। पिछले साल इसी अवधि में 110.52 बीसीएम पानी दर्ज किया गया था। देश के 22 जलाशयों में तो सामान्य स्थिति से आधा या उससे भी कम पानी बचा है।

कम पानी वाले वाटर बॉडीज में श्रीशैलम, नागार्जुन सागर, तुंगभद्रा, कृष्णराज सागर, पेरियार और तवा शामिल हैं। दक्षिण भारत के 47 बड़े जलाशयों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां क्षमता का केवल 30 फीसदी पानी बचा है। तेलंगाना में पानी का स्तर सामान्य से 57 प्रतिशत कम है।

भारी बारिश से मुंबई के जलाशयों को मिली बड़ी राहत

दूसरी ओर मुंबई को पानी देने वाले सातों जलाशयों के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। बारिश से सातों जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडार बढ़कर 86.18 प्रतिशत हो गया है। शहर को सबसे ज्यादा पानी देने वाला भातसा जलाशय 85 प्रतिशत से ज्यादा भर चुका है।

बीएमसी के आंकड़े बताते हैं कि सातों जलाशयों में 12,47,291 मिलियन लीटर पानी मौजूद है। मोडक सागर, विहार और तुलसी 100 प्रतिशत भर चुके हैं। तानसा में 98.85%, मध्य वैतरणा में 85.24% और अपर वैतरणा में 72.34% पानी जमा हो चुका है। भातसा में 6,09,983 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध है।

जून में कम बारिश के कारण मुंबई की झीलों का वाटर लेवल काफी गिर गया था। अब कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश से जल भंडार तेजी से बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार आगे भी बारिश जारी रहने से बाकी बचे जलाशय भी जल्द पूरी तरह भर जाएंगे।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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