Shimla News: नगर निगम शिमला अपनी आमदनी बढ़ाने और हर महीने किराया वसूलने के झंझट से राहत पाने के लिए बड़ा कदम उठा रहा है। निगम शहर की 1300 संपत्तियों को 99 साल की लीज पर देने की तैयारी कर रहा है। मेयर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया।
इस योजना पर अंतिम फैसला लेने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इसमें अकाउंट्स ऑफिसर, आर्किटेक्ट और लॉ ऑफिसर शामिल हैं। यह समिति अगली बैठक में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। वर्तमान में इन संपत्तियों से नगर निगम को हर साल करीब पांच से छह करोड़ रुपये का किराया मिलता है।
किराया वसूली के झंझट से मिलेगी राहत
अधिकारियों के मुताबिक हर महीने किराया वसूलने में काफी वक्त और संसाधन खर्च होते हैं। एकमुश्त रकम लेकर 99 साल की लीज देने से निगम को एक साथ बड़ी राशि मिलेगी। इस फंड का इस्तेमाल शहर के विकास कार्यों में होगा। लीज पर देने के लिए पूरे शहर को तीन अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
मुख्य शहर में लीज के लिए 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित है। दूसरी श्रेणी के इलाकों में 400 रुपये और उपनगरों में 300 रुपये प्रति वर्ग मीटर का सुझाव दिया गया है। लीजधारक एकमुश्त भुगतान करके तय शर्तों के साथ 99 वर्षों तक संपत्ति का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पेट्रोल पंप और गेस्ट हाउस से बढ़ेगी कमाई
निगम की आय बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार किया गया। आईजीएमसी अस्पताल के नीचे खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने की योजना है। इससे हर साल लगभग 18 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी। इस पेट्रोल पंप का संचालन नगर निगम खुद अपने नाम से ही करेगा।
इसके अलावा खलीनी के पास सराय और गेस्ट हाउस बनाने की योजना भी शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स से निगम की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी। तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए अगली एफ एंड सी कमेटी की बैठक में पेश किया जाएगा।