Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून भले ही कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन भूस्खलन से राहत नहीं मिल रही है। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर ठियोग के जनोगघाट में भारी लैंडस्लाइड होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। मलबे के साथ देवदार के बड़े पेड़ गिरने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मंगलवार सुबह करीब 5 बजे पहाड़ी से अचानक मलबा सड़क पर आ गिरा। इस घटना से सेब से लदे ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। एनएच-5 ऊपरी शिमला और किन्नौर को देश से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रशासन ने तुरंत जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा और पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि प्रदेश से मानसून की पूरी विदाई में अभी दो से तीन सप्ताह लगेंगे। हिमाचल में सामान्य विदाई 25 सितंबर तक होती है। आगामी दिनों में बारिश कम होने से तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। हालांकि 12 सितंबर के पास बारिश फिर थोड़ी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने 8 से 11 सितंबर के लिए कोई भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि पहाड़ी इलाकों में अचानक पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। इस सीजन में प्रदेश में सामान्य से 9 फीसदी कम यानी 588 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शिमला, कुल्लू और सिरमौर को छोड़कर बाकी जगह कम बारिश हुई।
मानसून के दौरान हिमाचल को करीब 1,423 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग को 1,131 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 59 सड़कें अभी भी बंद हैं। पूरे सीजन में हादसों, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 283 लोगों की जान जा चुकी है।