Shimla News: हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि सरकार पूरे राज्य का एक समान विकास कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि विभाग में ठेकेदारों की बकाया राशि का भुगतान जल्द ही चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। वह विधानसभा में विधायक रणधीर शर्मा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।
सोमवार को सदन में श्री नैनादेवी जी के विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले तीन सालों में सड़कों के रख-रखाव, पक्का करने और सुधार पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि श्री नैनादेवी जी क्षेत्र में कुल 132 सड़कें हैं। इनमें 3 मुख्य और 129 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 519 किलोमीटर है। इनमें से 449 किलोमीटर सड़कें पक्की की जा चुकी हैं। बाकी काम बजट मिलते ही पूरे कर दिए जाएंगे।
विपक्ष के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि यदि किसी जगह एक ही काम दो बार हुआ है तो जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में अधिक से अधिक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी दिलाई जाएगी। जिन इलाकों में सड़कें नहीं हैं, वहां नई डीपीआर बनेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने नाबार्ड के फंड में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने स्वीकार किया कि जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों को ज्यादा राशि दी गई है, लेकिन सरकार का लक्ष्य समान विकास है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी क्षेत्र की अनदेखी नहीं होगी।
इससे पहले विधायक रणधीर शर्मा ने सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पीडीएमए से मिली पहली किस्त के 11 करोड़ में से सिर्फ 1.47 करोड़ रुपये खर्च हो पाए हैं। 9.32 करोड़ के 99 कामों के टेंडर तक नहीं हुए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग की।