निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में रचा इतिहास, दो दिन में लगातार दो गोल्ड मेडल किए अपने नाम

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Una News: भारत के पैरा एथलीट निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रहने वाले निषाद ने दो दिनों में दो गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। 20 अक्टूबर को उन्होंने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया।

इससे एक दिन पहले, 19 अक्टूबर को निषाद ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। जापान के आइची-नागोया में आयोजित खेलों में उन्होंने 2.04 मीटर की ऊंचाई पार की। मुख्य रूप से हाई जंप के खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने लॉन्ग जंप में भी खुद को साबित किया।

लॉन्ग जंप में भी निषाद ने जीता था गोल्ड

हाई जंप में रिकॉर्ड बनाने से एक दिन पहले निषाद ने लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में 7.11 मीटर की बेस्ट छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉन्ग जंप में यह उनका बड़ा मुकाबला था। इस जीत के बाद उन्होंने हाई जंप में भी पहला स्थान हासिल कर दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियन पैरा गेम्स के एक ही एडिशन में दो गोल्ड जीतने वाले वह तीसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले 2023 में हांगझोउ गेम्स में अंकुर धामा ने 5000 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में दो स्वर्ण जीते थे। वहीं तीरंदाज शीतल देवी ने इंडिविजुअल और मिक्स्ड टीम कंपाउंड में दो गोल्ड अपने नाम किए थे।

6 साल की उम्र में गंवाया था दायां हाथ

पैरा एथलेटिक्स में T47 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए होती है जिनके एक हाथ या ऊपरी हिस्से में दिव्यांगता होती है। निषाद की इस बड़ी सफलता के पीछे लंबा संघर्ष है। ऊना जिले के अंब क्षेत्र के रहने वाले निषाद का दायां हाथ 6 साल की उम्र में खेत में घास काटने की मशीन से कट गया था।

बचपन के इस बड़े हादसे के बावजूद निषाद ने कभी हार नहीं मानी। कड़े अभ्यास और अटूट मेहनत के बल पर उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई। एशियन पैरा गेम्स 2026 में दो गोल्ड मेडल और नया रिकॉर्ड उनकी इसी कड़ी मेहनत का शानदार नतीजा है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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