Mandi News: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी से कुल्लू के बीच सुरक्षा कार्य शुरू हो चुका है। एनएचएआई 228.75 करोड़ रुपये की लागत से यह मरम्मत कार्य करवा रहा है। झलोगी से कुल्लू तक ब्यास नदी के कटाव और भूस्खलन को रोकने के लिए नौ संवेदनशील स्थानों पर मजबूत दीवारें बनाई जाएंगी।
परियोजना के तहत ब्यास नदी के किनारे क्षतिग्रस्त हिस्सों को मजबूत बनाया जाएगा। नौ संवेदनशील पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जहां रिटेनिंग वॉल और विशेष सुरक्षात्मक ढांचे तैयार होंगे। इसका मुख्य मकसद मानसून में होने वाली भारी बारिश और नदी के कटाव से हाईवे को सुरक्षित बचाना है, ताकि आवाजाही में कोई समस्या न आए।
झलोगी से आर्मी कैंप तक पहले चरण में होगा काम
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि यह काम भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। निर्माण एजेंसी को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पहले चरण में झलोगी फ्लाईओवर से आर्मी कैंप तक के संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा कार्य किया जा रहा है।
शुरुआती काम पूरा होने के बाद बाकी तय स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से निर्माण होगा। नदी के बहाव वाले हिस्सों में मजबूत रिटेनिंग वॉल और तट संरक्षण कार्य किया जाएगा। इससे सड़क की मजबूती बढ़ेगी। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, जिससे हाईवे बार-बार बंद न हो।
वरुण चारी ने स्पष्ट किया कि काम पूरा होने के बाद मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानसून में ट्रैफिक सुरक्षित रहेगा। वर्तमान में नदी की गहराई में जाकर मजबूती का काम किया जा रहा है। इससे नदी का बहाव तेज होने पर भी कटाव का खतरा काफी कम हो जाएगा और सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
2023 और 2025 में बारिश से हुआ था भारी नुकसान
वर्ष 2023 और 2025 के मानसून में मंडी-कुल्लू हाईवे को भारी नुकसान हुआ था। ब्यास नदी के उफान और पहाड़ियों से भूस्खलन के कारण कई जगह सड़क बह गई थी। मलबा और बड़ी चट्टानें गिरने से रास्ता घंटों बंद रहा। कई बार एकतरफा यातायात चलाना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।