Kullu News: मॉनसून के दौरान आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड से कुल्लू जिले में मची भारी तबाही का आकलन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 6 सदस्यीय इंटर-मिनिस्ट्रियल टीम ने दौरे के दूसरे दिन ग्राउंड जीरो पर उतरकर हालात देखे। टीम ने मनाली, बंजार और आनी के प्रभावित इलाकों का विस्तृत मुआयना किया।
क्षतिग्रस्त वॉटर सप्लाई योजनाओं और फिश फार्म का निरीक्षण
केंद्रीय गृह मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में टीम ने मनाली में क्षतिग्रस्त ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों ने सोलंग गांव पहुंचकर लैंडस्लाइड से हुई भारी तबाही की स्थिति देखी। टीम पतलीकूहल स्थित ट्राउट फिश फार्म भी पहुंची, जहां मत्स्य पालन से जुड़े नुकसान का ब्योरा जुटाया गया।
अधिकारियों ने बंजार और आनी उपमंडल के खनाग क्षेत्र में भी जमीनी स्तर पर हुए नुकसान की पड़ताल की। एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि टीम इससे पहले चंबा और कांगड़ा का दौरा पूरा कर चुकी है। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य सड़कों, वॉटर सप्लाई, घरों और कृषि-बागवानी को पहुंचे नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार करना है।
इसरो के साइंटिस्ट और कई मंत्रालयों के अधिकारी शामिल
राज्य सरकार से फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय टीम अध्ययन कर केंद्र को वित्तीय मदद की सिफारिश भेजेगी। नुकसान का सटीक और तकनीकी आकलन करने के लिए टीम में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसमें जल शक्ति, कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क परिवहन और वित्त मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद रहे।
आपदा क्षेत्र के भौगोलिक और सैटेलाइट डेटा विश्लेषण के लिए इसरो के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी भी साथ हैं। दौरे के समय राज्य के अतिरिक्त सचिव सुनील वर्मा, एडीएम कुल्लू सुरजीत राठौर और एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरी टीम अब संयुक्त रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।