Kinnaur News: रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय पॉक्सो कोर्ट किन्नौर ने 14 वर्षीय बाल पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ज्ञान दास (29 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने मामले में नामजद दूसरे आरोपी ज्ञान चंद को संलिप्तता नहीं पाए जाने पर बरी कर दिया है। उप जिला न्यायवादी रामपुर कमल चंदेल ने बताया कि पीड़िता सोशल मीडिया के जरिए आरोपी ज्ञान दास से परिचित थी। 9 फरवरी 2024 को आरोपी ने इंस्टाग्राम संदेश के जरिए पीड़िता को बुलाया।
इसके बाद आरोपी पीड़िता को उसकी मर्जी के बिना अपने घर ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। देर रात रिश्तेदार का फोन आने पर आरोपी पीड़िता को पुराने घर ले गया और अगले दिन घर छोड़ आया।
घर पहुंचने पर परिजनों की पूछताछ में पीड़िता ने आपबीती बताई। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के दौरान अदालत के समक्ष 27 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ज्ञान दास को दोषी माना और 20 वर्ष की सजा सुनाई। वहीं ज्ञान चंद की आपराधिक मंशा साबित न होने पर उसे बरी कर दिया गया। इस मामले की पैरवी सरकार की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।