Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की रवानगी से ठीक पहले मौसम ने करवट ले ली है। सितंबर के मध्य में ही ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। तापमान में 8.2 डिग्री तक की भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ गई है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
ऊंचे पहाड़ी दर्रों में ताजा बर्फबारी और प्रशासन का कड़ा अलर्ट
रोहतांग पास, शिंकुला, बारालाचा ला और कुंजुम दर्रे में 4 से 6 इंच तक बर्फ गिरी है। कई इलाकों में मध्यम बारिश भी जारी है। दर्रों पर बर्फ जमने से फिसलन बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थानीय चालकों और पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों में अनावश्यक सफर न करने की सख्त सलाह जारी की है।
बर्फबारी और बारिश के कारण प्रदेश में 60 सड़कें और 31 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 33, कांगड़ा में 10 और कुल्लू में 9 सड़कें बंद हैं। वहीं सिरमौर जिले में 30 ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बहाली का काम तेजी से जारी है।
तापमान में भारी गिरावट और भारी आर्थिक नुकसान का आकलन
कल्पा में सबसे अधिक 8.2 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 14.2 डिग्री पहुंच गया है। भुंतर में तापमान 24.1, ताबो में 18.5 और मंडी में 6 डिग्री गिरा है। श्री नैना देवी जी में 86 मिमी वर्षा दर्ज हुई। राज्य में मानसून के दौरान अब तक 3212.84 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।