Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पुराने कर्ज के बोझ तले दबे किसानों और ऋणधारकों के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने छह महीने के लिए तीन वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजनाएं शुरू की हैं। इनसे पात्र लोगों को बकाया ब्याज में बड़ी राहत मिलेगी।
बैंक अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने मंगलवार को शिमला में प्रेसनोट जारी करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कृषि ऋण राहत योजना आज से लागू हो गई है। यह योजना अगले छह महीने तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत तीन लाख रुपये तक का कृषि लोन लेने वाले किसानों के बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी।
एनपीए खातों पर मिलेगी 25 प्रतिशत तक की छूट
संजय सिंह चौहान के अनुसार इस राहत योजना का फायदा राज्य के करीब 6,319 किसानों को मिलेगा। इसके अलावा बैंक ने साल 2016 तक के गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) खातों के लिए भी विशेष ओटीएस योजना लागू की है। ऐसे खातों के बकाया ब्याज पर बैंक 25 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करेगा।
बैंक ने साल 2016 तक के उन ऋण खातों को भी योजना में शामिल किया है, जिनकी प्रोविजनिंग नाबार्ड के पास पहले ही की जा चुकी है। इन खातों पर भी 25 फीसदी तक की राहत दी जाएगी। बैंक कर्मचारी घर-घर जाकर पात्र लोगों को इन योजनाओं की जानकारी देंगे ताकि अधिक से अधिक लोग निपटारा कर सकें।
दस साल घाटे में रहने के बाद बैंक हुआ फायदे में
बैंक की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए अध्यक्ष ने बताया कि लगभग दस वर्षों तक घाटे में रहने के बाद बैंक पिछले तीन सालों से लगातार मुनाफे में है। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग को दिया। पिछले साल राज्य सरकार ने बैंक को 400 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी।
अध्यक्ष ने दावा किया कि जमा राशि के मामले में यह बैंक अब देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। कर्मचारियों की पदोन्नति, नई ट्रांसफर पॉलिसी और लोन रिकवरी पर ध्यान देने से स्थिति सुधरी है। बैंक का मुख्य लक्ष्य नई ओटीएस योजनाओं के माध्यम से पुराने खातों को बंद कर लोगों को राहत देना है।