New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर भीषण बाढ़ में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने इस संकट की घड़ी में पड़ोसी देश के साथ एकजुटता जताते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। नेपाल में इस आपदा से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है।
सशस्त्र सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात की टीमें
पड़ोसी देश में आई प्राकृतिक आपदा के बाद सशस्त्र सीमा बल ने 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए एसएसबी के 18 दल तैनात किए गए हैं, जबकि 7 अतिरिक्त दलों को आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है।
कोसी और नारायणी नदी बेसिन में बढ़ा जलस्तर
अधिकारियों के अनुसार कोसी और नारायणी नदी बेसिन में जलप्रवाह तेजी से बढ़ने के अनुमान को देखते हुए यह अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा और महाकाली नदी प्रणालियों के संवेदनशील जिलों पर भी अर्धसैनिक बल लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ से कई गांव और जरूरी बुनियादी ढांचे बह गए हैं। इस भयावह हादसे के बाद करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय नागरिक शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।