Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक सत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वर्ष 2027 से दसवीं और बारहवीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में आयोजित की जाएंगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नया शैक्षणिक सत्र जनवरी से शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
738 बंद पड़े स्कूल भवन अन्य विभागों को होंगे ट्रांसफर
शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। प्रदेश भर में 738 बंद पड़े स्कूल भवनों को जल्द से जल्द अन्य सरकारी विभागों को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके अलावा विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन और फोटो-वीडियो आधारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एसएसए के 13 करोड़ रुपये से रिवॉल्विंग फंड बनाया जाएगा।
निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने से स्कूलों में जवाबदेही तय होगी और छात्रों की उपस्थिति के साथ-साथ शिक्षकों की कार्यशैली पर भी सीधी नजर रखी जा सकेगी। खेल सुविधाओं के लिए अलग से फंड बनाने से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विभाग इन फैसलों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
25 फीसदी से कम रिजल्ट वाले स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में तय हुआ कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 25 प्रतिशत से कम रहेगा, वहां संबंधित जिला उपनिदेशक स्वयं जाकर औचक निरीक्षण करेंगे। उपनिदेशकों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय स्तर पर कमियों को दूर करने और सुधार के लिए एक राज्य स्तरीय स्पेशल एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि वर्ष 2025-26 के खराब परीक्षा परिणाम से जुड़े 123 मामलों में विभागीय कार्रवाई पहले से चल रही है। शिक्षा मंत्री ने लंबित पदोन्नति के मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के साथ ही विद्यालयों में वोकेशनल और स्किल आधारित पाठ्यक्रमों को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
समेज में क्षतिग्रस्त स्कूल का 3 दिन में होगा सर्वे
प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि समग्र शिक्षा और पीडीएनए के तहत 82.37 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। इसमें से 580 कार्य पूरे कर लिए गए हैं, 285 कार्य निर्माणाधीन हैं, जबकि 152 कार्यों की शुरुआत होना अभी बाकी है। विभाग इन सभी लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के प्रयास में लगा हुआ है।
समेज क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए स्कूल के निर्माण कार्य में हुई देरी पर शिक्षा मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर तुरंत निर्माण कार्य शुरू कराने के कड़े आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।