Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले चार दिनों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बारिश और लैंडस्लाइड से प्रदेश भर में 98 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं।
विभाग ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक राज्य के विभिन्न इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। 31 अगस्त को कांगड़ा, बिलासपुर और सिरमौर में कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अलर्ट है।
तीन दिन भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 3 सितंबर के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की आशंका है। वहीं 4 से 6 सितंबर के बीच बारिश की रफ्तार में कमी आएगी और कुछ ही क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें गिरेंगी। फिलहाल रात और दिन का औसतन तापमान सामान्य से 2 से 8 डिग्री ज्यादा बना हुआ है।
बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई वर्षा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूरे राज्य में व्यापक वर्षा हुई। कांगड़ा में सर्वाधिक 70.4 मिलीमीटर, बिलासपुर और जोगिंद्रनगर में 70-70 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा धौलाकुआं में 66, श्री नैना देवी में 60.8 और शिमला में 59.8 मिलीमीटर पानी बरसा है।
सुंदरनगर, शिमला, कांगड़ा, जुब्बड़हट्टी और मुरारी देवी के क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मंडी जिले में 43 सड़कें और 89 ट्रांसफॉर्मर बंद
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ है, जहां अकेले 43 मार्ग ठप्प पड़े हैं। इसके अतिरिक्त कुल्लू में 16, चंबा में 15, कांगड़ा में 7, सिरमौर में 5 तथा सोलन और ऊना में 4-4 सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से प्रदेश भर में 107 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अकेले मंडी जिले में ही 89 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप्प होने से बत्ती गुल है।