Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य आपदा संचालन केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटों की मूसलाधार बारिश से 98 सड़कें बंद, 107 ट्रांसफॉर्मर ठप और 37 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। 31 अगस्त की सुबह जारी रिपोर्ट के मुताबिक बंद सड़कों की संख्या अचानक बढ़कर 98 तक पहुंच गई।
जिला स्तर पर सबसे खराब हालात मंडी के हैं, जहां 43 मार्ग और 89 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं। चंबा में 15 सड़कें, कुल्लू में 16, सिरमौर में 5, सोलन और ऊना में 4-4 सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इसके अलावा हमीरपुर जिले में सबसे अधिक 37 पेयजल आपूर्ति योजनाएं ठप हो चुकी हैं।
मानसून सीजन में अब तक 253 लोगों ने गंवाई जान
30 जून से 30 अगस्त 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुल 253 लोगों की जान जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं में 104 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में 149 लोग मारे गए। आपदाओं में शिमला और कांगड़ा में 16-16, सिरमौर में 14, चंबा में 13 और मंडी में 10 मौतें हुई हैं।
सड़क हादसों में सिरमौर और शिमला में 19-19, ऊना में 18, चंबा व कांगड़ा में 17-17 तथा कुल्लू में 16 लोगों की जान गई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और मदद पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा से राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
शिमला-कालका रेल मार्ग पर 10 ट्रेनें रद्द
लगातार हो रही बारिश की वजह से शिमला-कालका छोटी रेलवे लाइन पर चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। सोलन जिले में कोटी और गुम्मन स्टेशनों के बीच मिट्टी बहने से रेलवे पटरी बिना आधार के हवा में झूलने लगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार रात से टॉय ट्रेन का संचालन रोक दिया गया।
शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संजय गेवर ने पुष्टि की है कि रविवार को सभी 10 ट्रेनें रद्द रखी गईं। उन्होंने साफ किया कि पटरी का पूरी तरह आकलन और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रेन सेवा बहाल की जाएगी। तब तक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
मौसम विभाग का चार दिन का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार शाम से धौलाकुआं में 38.5 मिलीमीटर, घाघस में 30, पालमपुर में 23.8, मुरारी देवी में 22, काहू में 11.6 और पंडोह में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राज्य के कई इलाकों में तेज गरज के साथ बिजली चमकने और बौछारें पड़ने की खबर है। 30 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन से जुड़ी आपदाओं में हिमाचल प्रदेश को 1,184 करोड़ रुपये से अधिक का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
