Delhi News: भारतीय सेना (Indian Army) में नेपाली गोरखा बिना भारत की नागरिकता (Citizenship) लिए भी अपनी शानदार सेवाएं देते हैं। नेपाल और भारत का यह सैन्य (Military) रिश्ता दो सदियों से पुराना है। नेपाली नागरिक अपनी राष्ट्रीयता बनाए रखते हुए भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट का अहम हिस्सा बनते हैं, जानिए इसके नियम।
नेपाली गोरखाओं की सेना में भर्ती का मुख्य आधार भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच 1947 में हुआ त्रिपक्षीय एग्रीमेंट है। देश की आजादी के बाद पूर्व ब्रिटिश इंडियन आर्मी की गोरखा रेजीमेंट को भारत और ब्रिटेन में बांट दिया गया था। इस ऐतिहासिक एग्रीमेंट में सेवा की सभी शर्तें तय की गई थीं।
इस एग्रीमेंट की सबसे अहम शर्त थी कि सेना में सेवा देने वाले नेपाली गोरखाओं को भारतीय जवानों के समान ही सैलरी, अलाउंस, पेंशन और दूसरे फायदे मिलेंगे। इसी विशेष नियम के कारण नेपाली नागरिकों को बिना भारतीय बने देश की सेवा का मौका मिलता है। उनकी राष्ट्रीयता पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
सुगौली ट्रीटी और दोनों देशों की ओपन बॉर्डर का महत्व
गोरखा सैन्य सेवा का यह शानदार इतिहास आजादी से भी पुराना है। 1816 के एंग्लो-नेपाली युद्ध के बाद हुई ‘सुगौली ट्रीटी’ ने नए रिश्ते बनाए। गोरखा जवानों की बहादुरी और अनुशासन से प्रभावित होकर अंग्रेजों ने उन्हें अपनी आर्मी में शामिल किया था। स्वतंत्र भारत ने भी इस भर्ती प्रक्रिया को हमेशा जारी रखा।
भारत और नेपाल के बीच ओपन बॉर्डर (Open Border) का खास रिश्ता है। दोनों देशों के लोग बिना वीजा के आसानी से आ-जा सकते हैं। इसी वजह से नेपाली नागरिकों के लिए रोजगार और आर्मी में भर्ती के लिए भारत आना आसान है। हालांकि, इससे वे स्वतः ही भारत के नागरिक नहीं बन जाते हैं।
अग्निपथ योजना के बाद नेपाली गोरखाओं की भर्ती पर विवाद
साल 2022 में सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ स्कीम’ ने इस पुरानी सैन्य भर्ती व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इस नई स्कीम के तहत जवानों को केवल चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। इसके बाद सीमित जवानों को ही लंबी सेवा के लिए आगे रखा जाता है।
नेपाल सरकार ने अग्निपथ सिस्टम के तहत अपने युवाओं की भर्ती पर कड़ी आपत्ति जताई है। नेपाल का मानना है कि यह नई व्यवस्था 1947 के एग्रीमेंट के खिलाफ है। नेपाल की मुख्य चिंता चार साल के छोटे कार्यकाल और पेंशन न होने को लेकर है। इसी वजह से अभी गोरखाओं की भर्ती रुकी है।