Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों और लैंडस्लाइड वाली जगहों से दूर रहने की हिदायत दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान चलने और बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। तेज बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने बारिश की रफ्तार को देखते हुए अलग-अलग इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों के निवासियों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश से नदियों का वाटर लेवल बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जो आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन ने सभी डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर्स को डिजास्टर मैनेजमेंट के इंतजाम पुख्ता रखने के आदेश दिए हैं। किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीमों को तुरंत अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश पहले ही भारी तबाही देख चुका है। बारिश के कारण कई स्थानों पर क्लाउडबर्स्ट, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज हुई हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान गई है और करोड़ों रुपये की प्राइवेट और सरकारी प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ है।
गांवों में सड़कें टूटने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से मरम्मत के काम में जुटी हैं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम में गैर-जरूरी ट्रैवल करने से बचें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले वेदर अपडेट जरूर चेक करें। प्रशासन ने लोगों को अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सरकारी हेल्प लाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।
हिमाचल प्रदेश में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। ऐसे में भारी बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आम जनता और प्रशासन दोनों को मिलकर पूरी सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है।