Shimla News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को कांगड़ा और किन्नौर जिलों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कांगड़ा की बोह घाटी में भूस्खलन से 18 मकान मलबे में दब गए। पूरे प्रदेश में 150 सड़कें बंद हो चुकी हैं।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में अचानक बादल फट गया। इसके कारण आई भीषण बाढ़ और मलबे ने रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांवों में तबाही मचाई। प्रशासन के मुताबिक 13 पक्के और 5 कच्चे मकान ढह गए। हादसे में तीन महिलाएं घायल हुई हैं।
राहत कार्य जारी और किन्नौर में बीआरओ परिसर को नुकसान
हादसे के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। दूसरी ओर किन्नौर के शलखर क्षेत्र में सोमवार शाम गोथांग नाले में बादल फटने से बीआरओ के आवासीय परिसर में पानी और मलबा भर गया।
बीआरओ के दो बैरक और एक स्टोर मलबे से भर गए। हालांकि बीआरओ ने 20 घंटे की मशक्कत के बाद किन्नौर-काजा नेशनल हाईवे को दोबारा चालू कर दिया। भारी बारिश की वजह से राज्य में 291 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और 91 पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सड़कें बंद होने से सेब किसान परेशान और उड़ानें रद्द
मंडी जिले के सराज क्षेत्र में मंडी-जंजैहली मुख्य सड़क सहित 15 संपर्क मार्ग बंद हैं। आगामी सेब सीजन के कारण किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। इसके अलावा भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे भी ठप रहा। खराब मौसम की वजह से दिल्ली से कांगड़ा की तीन उड़ानें रद्द की गईं।