Shimla News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार 17 अगस्त को मंडी, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला और सोलन समेत आठ जिलों में भारी वर्षा और अचानक बाढ़ की चेतावनी दी है। राज्य में भूस्खलन के कारण 109 सड़कें और 216 पेयजल योजनाएं बंद हैं।
प्रदेश में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। मंडी जिले में सबसे अधिक 43 सड़कें बंद हैं। वहीं कुल्लू जिले में 33 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुकी हुई है। इसके अलावा 7 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
मंडी जिले में 209 पेयजल परियोजनाएं ठप होने से लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा है। धर्मशाला में बीते 24 घंटों में 112.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पालमपुर में 55 मिलीमीटर और धर्मशाला में सुबह 30 मिलीमीटर पानी बरसा है।
बारिश के बीच दिन के तापमान में एक से तीन डिग्री की बढ़त देखी गई है। ताबो में तापमान 2.8 डिग्री चढ़कर 30 डिग्री पहुंच गया। ऊना में पारा 35.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। शिमला में अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री, सुंदरनगर में 33.5 और भुंतर में 30.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
30 जून को मानसून के प्रवेश के बाद से अब तक प्रदेश में 937.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 733.95 करोड़ का बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं जल शक्ति विभाग को 216.40 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। कल्पा, नाहन, केलंग और सोलन में भी सामान्य बारिश दर्ज की गई।