Shimla News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य में हादसों के कारण अब तक 85 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं भूस्खलन और बाढ़ से 130 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
हाल ही में चंबा जिले में बारिश के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद कुल मौतों का आंकड़ा 80 से बढ़कर 85 तक पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग बंद पड़ी 130 सड़कों को दोबारा खोलने के लिए लगातार राहत काम में लगा हुआ है।
मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य में 5 अगस्त तक भारी बारिश का अंदेशा जताया है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों के निचले और जलग्रहण इलाकों में खतरा ज्यादा है।
बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला समेत कई इलाकों में 1 से 3 अगस्त के बीच यलो अलर्ट रहेगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों को नदी और नालों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
बारिश से कई जिलों में नुकसान और जमीन धंसी
बीते 24 घंटों में बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई है, लेकिन उमस और तापमान बढ़ा है। सोलन के दाड़लाघाट की फांजी गांव में बारिश से जमीन धंस गई। इस कारण 50 फीट लंबा डंगा गिर गया और एक निर्माणाधीन मकान के चार कमरों को भारी नुकसान पहुंचा।
मानसून के दौरान 23 से 30 जुलाई के बीच राज्य में औसतन 69.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान चंबा जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। चंबा में सामान्य से 103 प्रतिशत अधिक यानी 149.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।