Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। यह आयोग राज्य में नए जिलों के निर्माण, मौजूदा उप-मंडलों, तहसीलों और विकास खंडों के विलय अथवा विभाजन की संभावनाओं की व्यापक समीक्षा करेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी को इस आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है।
पांच प्रमुख बिंदुओं पर तैयार होगी पुनर्गठन की रिपोर्ट
आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट पांच तय मानकों के आधार पर तैयार करेगा। इसमें मौजूदा प्रशासनिक ढांचे का अध्ययन, नए क्षेत्रों का जनसंख्या व भौगोलिक आधार पर आकलन और व्यापक जन-परामर्श शामिल हैं। इसके साथ ही नए ढांचे के वित्तीय खर्च और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी सुझाव दिए जाएंगे।
भू-अभिलेख विभाग के निदेशक को आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। बेहतर समन्वय के लिए राजस्व, वित्त, लोक निर्माण और पंचायती राज सहित कई विभागों के प्रशासनिक सचिव विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में स्थापित किया जाएगा और जल्द दिशानिर्देश भी जारी होंगे।
सरकार ने आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने की समयसीमा तय की है। यह रिपोर्ट राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखी जाएगी, जिसके बाद आगामी फैसला होगा। राजस्व विभाग और उपायुक्त आयोग को आवश्यक जनसांख्यिकी आंकड़े और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
