Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बिना बारिश के भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। हमीरपुर के बाद अब शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की फांचा पंचायत में पूरी पहाड़ी ढह गई। इस हादसे में देवदार और कायल के 35 से 40 पेड़ नष्ट हो गए। हालांकि किसी जनहानि की खबर नहीं है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार फांचा पंचायत के इस इलाके में कई वर्षों से भूस्खलन की समस्या बनी हुई है। इस बार जमीन धंसने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। बिना बारिश के अचानक पूरी पहाड़ी गिर जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 13 से 16 सितंबर के बीच प्रदेश के मध्य पर्वतीय और निचले मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश की गतिविधियों में तेजी के बावजूद राज्य में मानसून के बहुत अधिक सक्रिय होने की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
शुक्रवार को धर्मशाला में 32 मिलीमीटर और कांगड़ा में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शिमला में शाम को हल्की फुहारें पड़ीं। बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
चालू मानसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में अब तक 1662 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सड़कों पर मलबा आने से वर्तमान में 60 सड़कें बंद हैं। सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि अगले 48 घंटों तक मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। हिमाचल से मानसून की विदाई आमतौर पर 25 सितंबर के आसपास होती है। वापसी की सटीक स्थिति अगले पांच दिनों में पूरी तरह से साफ हो जाएगी।