Karsog News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रथम दर्शन योजना’ से श्रद्धालुओं को प्रदेश के प्रमुख देव स्थलों तक आने-जाने में काफी सहूलियत मिल रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के जरिए चलाई जा रही इस योजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ निगम की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।
प्रथम दर्शन योजना के तहत एचआरटीसी करसोग डिपो की बस सेवा को मां शिकारी देवी मंदिर से जोड़ा गया है। इससे प्रदेश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो गई है। यह बस हर रोज सुबह 9:30 बजे करसोग बस स्टैंड से चलती है और दोपहर में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के बाद वापस लाती है।
करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक नागेंद्र कुमार चांदला ने बताया कि शिकारी देवी के लिए सीधी बस सेवा शुरू होने के बाद एचआरटीसी के राजस्व में लगभग 100 रुपये प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रयासों का बेहतर परिणाम है।
22 श्रेणियों को मिल रही है निशुल्क यात्रा की सुविधा
सरकार द्वारा बस यात्रियों के लिए हिम बस पास सुविधा सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में एचआरटीसी द्वारा 22 पात्र श्रेणियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। इनमें विद्यार्थी, महिलाएं और विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति शामिल हैं, जिससे आम लोगों को परिवहन सेवाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि करसोग कार्यालय द्वारा अब तक कुल 9,166 हिम बस पास जारी किए जा चुके हैं। इनमें सरकारी स्कूलों के 1,581 विद्यार्थी, 6,350 महिला यात्री और 969 विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति शामिल हैं। अन्य पात्र श्रेणियों के भी पास बनाए जा रहे हैं ताकि उन्हें योजना का सुचारू लाभ मिल सके।
स्थानीय लोगों और छात्रों ने जताया सरकार का आभार
स्थानीय निवासियों और छात्रों का कहना है कि हिम बस पास बनने से उनकी दैनिक यात्रा काफी सुगम हो गई है और यात्रा का खर्च आधा रह गया है। लोगों ने एचआरटीसी प्रबंधन और राज्य सरकार से इस कल्याणकारी सुविधा को भविष्य में भी इसी तरह जारी रखने की अपील की है और सरकार का आभार जताया है।