Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के जंडल गांव निवासी मेजर अमित सिंह चौहान और उनकी पत्नी मेजर राधिका जग्गी ने एक साथ प्रमोशन पाकर नया मुकाम हासिल किया है। 14 साल की कड़ी मेहनत के बाद दोनों अफसर एक ही दिन लेफ्टिनेंट कर्नल बने हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से परिवार और पूरे इलाके में खुशी की लहर है।
सैन्य करियर में लगातार आगे बढ़ने के लिए कड़े अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों में काम करने का अनुभव होना बहुत जरूरी है। अमित और राधिका ने अपने 14 साल के लंबे सफर में इन पैमानों को साबित किया है। साल 2012 में एक साथ लेफ्टिनेंट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाला यह दंपती आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।
पर्वतारोहण में लेफ्टिनेंट कर्नल अमित ने बनाए कई रिकॉर्ड
लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सिंह चौहान ने सेना के अलावा पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अपनी खास पहचान बनाई है। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर दो बार तिरंगा फहराया है। इसके साथ ही उन्होंने कंचनजंगा जैसी कई कठिन चोटियों को भी फतह किया है, जो उनके अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
ट्रेनिंग से लेकर संयुक्त राष्ट्र में राधिका ने निभाई भूमिका
लेफ्टिनेंट कर्नल राधिका जग्गी का सैन्य सफर भी उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में नए अफसरों को कोचिंग दी है। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मिशन में स्टाफ अफसर के पद पर काम किया है। साथ ही वह भारतीय सेना की पिस्टल शूटिंग टीम की भी सदस्य रही हैं।
इस शानदार सफलता से हमीरपुर जिले और सैन्य दंपती के परिवार में गर्व का माहौल है। अमित के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर रणजीत सिंह चौहान ने दोनों की पदोन्नति पर खुशी जताई है। यह प्रेरणादायक कहानी दिखाती है कि निरंतर लगन और मेहनत से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
