Shimla News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अनुशासन को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल की सलाह पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि संगठन के हित में अपनी बात रखना अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं आता है।
राजस्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अनुशासन के नियम सिर्फ उन पर ही लागू किए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि जो बात उन्होंने मीडिया के सामने कही, वही बात पार्टी की बैठकों और प्रभारी रजनी पाटिल के समक्ष भी रखी थी। उनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना है।
नेगी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत बयानबाजी नहीं की है। यदि पार्टी के अंदर उठाए गए मामलों पर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, तो जाहिर तौर पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने मांग की कि संगठन में दी गई शिकायतों और महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान पार्टी स्तर पर तेजी से किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को अब यह जांचना चाहिए कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या कार्रवाई हुई है। वे हमेशा संगठन के फायदे की बात करते हैं। राहुल गांधी भी पार्टी को मजबूत करने और सही मुद्दों को उठाने का समर्थन करते हैं। इसलिए वे खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।
कांग्रेस को अंदर से कमजोर करने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में छिपे ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ को तुरंत बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी यही संदेश देते हैं कि ऐसे तत्वों को संगठन से बाहर करना बेहद जरूरी है ताकि पार्टी मजबूत हो सके।
कांग्रेस नेता निगम भंडारी के बयानों से कार्यकर्ताओं के मनोबल टूटने वाले तर्क पर नेगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का मनोबल बयानों से नहीं टूटता। असली नुकसान तब होता है जब ‘जयचंद और स्लीपर सेल’ जैसे लोगों को बड़े पद मिलते हैं और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षों से मेहनत कर रहे निष्ठावान कार्यकर्ताओं को संगठन में उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इससे कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल होगा और पूरी पार्टी मजबूत बनेगी। मंत्री नेगी ने यह सारी बातें सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट तौर पर कही हैं।