Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे और ‘चिट्टा’ की बुराई को समाप्त करने के लिए खेलों का सहारा लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस राज्यव्यापी पहल की समीक्षा की।
इस विशेष अभियान का मुख्य ध्येय प्रदेश के युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़कर नशे की लत से दूर रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहा है, जिससे परिवार और समाज प्रभावित हो रहे हैं। सरकार सख्त पुलिस कार्रवाई के साथ रोकथाम और जनजागरूकता पर जोर दे रही है।
3,758 पंचायतों में चलेगा व्यापक जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, 8 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 39 नगर पंचायतों में नशा विरोधी अभियान चलेगा। इसके साथ ही चिट्टा से सबसे ज्यादा प्रभावित 235 ग्राम पंचायतों में विशेष केंद्रित अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक किया जाएगा।
अभियान के तहत उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर भव्य खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनकी निगरानी और पारदर्शी संचालन के लिए विशेष तकनीकी समितियां गठित होंगी। इन समितियों में खेल संघों के रेफरी, युवा सेवाएं एवं खेल, शिक्षा तथा पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।
सरकार इन प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए 11.56 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी। विजेता और उपविजेता टीमों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नशा मुक्त हिमाचल’ का लक्ष्य सरकार, शिक्षण संस्थानों, खेल संगठनों और नागरिक समाज के संयुक्त प्रयासों से ही संभव होगा।