Shimla News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इसके साथ कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे। उन्होंने किशाऊ बांध पर बात करते हुए कहा कि सरकार ने राज्य के हितों की मजबूती से पैरवी की है।
किशाऊ बांध समझौते पर पूर्व सरकार के फैसले को पलटा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किशाऊ बांध प्रोजेक्ट में प्रधानमंत्री का कोई दखल नहीं था। पूर्व की जयराम सरकार के पुराने फैसले को उनकी कैबिनेट ने खारिज कर दिया था। सरकार का स्पष्ट संकल्प था कि हिमाचल की संपदा को किसी हाल में लुटने नहीं दिया जाएगा, जिसके लिए कई स्तरों पर ठोस बैठकें हुईं।
सीएम ने स्पष्ट किया कि जल समझौते में उत्तराखंड की मांग को दरकिनार किया गया, जबकि हिमाचल ने अपने पक्ष में फैसला करवाया। यदि पूर्व मुख्यमंत्री सत्ता में होते तो राज्य को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता। हिमाचल सरकार की मजबूत रणनीति की वजह से ही समझौते में प्रदेश के सभी अधिकारों को पूरी सुरक्षा मिली है।
परियोजना से हर साल मिलेगा पंद्रह सौ करोड़ का लाभ
भाजपा नेताओं के आरोपों को गलत बताते हुए सीएम ने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित कर रहा है। यह बांध अगले पांच वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे हिमाचल को हर साल बारह सौ से पंद्रह सौ करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने पिछली सरकार पर राज्य के संसाधनों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
