Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के छह सरकारी स्कूलों को ‘राजीव गांधी सरकारी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल’ के रूप में अपग्रेड करने का फैसला किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और छात्रों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।
अपग्रेडेशन के लिए करसोग, रामपुर बुशहर, रोहड़ू, चौपाल, नौराधार और बेहडला के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को चुना गया है। इन मॉडल स्कूलों में हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल और पौष्टिक भोजन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
24 हजार छात्रों ने प्राइवेट छोड़ सरकारी स्कूलों में लिया दाखिला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों के अब सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर आधारित शिक्षा व्यवस्था शुरू करने के फैसले से शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, निजी संस्थानों की तुलना में कम खर्च पर बेहतर शिक्षा मिलने से छात्रों का रुझान बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि लगभग 24,000 छात्रों ने प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। इस पहल से ग्रामीण छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे।