Bilaspur News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा के एक हफ्ते में दो बार बिलासपुर आने से सियासी हलचल तेज हो गई है। 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के बाद वह 8 अक्टूबर को दोबारा पहुंचे। आधिकारिक तौर पर यह दौरा रेलवे और फोरलेन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के लिए था।
राजनीतिक गलियारों में नड्डा के इन दौरों के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम में राज्य के चार में से दो लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद मौजूद रहे। इस बड़ी मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को काफी तेज कर दिया है। नड्डा का इसके बाद कुल्लू जाना भी बेहद अहम माना जा रहा है।
नेताओं की गैर-मौजूदगी और संगठन पर उठ रहे बड़े सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नड्डा राज्य में पार्टी संगठन और जमीनी हालात का जायजा ले रहे हैं। बिलासपुर उनकी राजनीतिक कर्मभूमि रहा है, इसलिए उनका बार-बार आना स्वाभाविक है। वह कार्यकर्ताओं के रुख और स्थानीय नेताओं के तालमेल को समझने की कोशिश कर रहे हैं। कुल्लू प्रवास से यह चर्चा और बढ़ गई है।
इस पूरे दौरे के दौरान प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं की गैर-मौजूदगी भी चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है। पहले के दौरों में सभी प्रमुख नेता उनसे मिलने पहुंचते थे। इस बार कई बड़े चेहरों का न दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में ही साफ होगा कि यह केवल समीक्षा थी या कोई बड़ी रणनीति।
