Bilaspur News: बिलासपुर जिले में सर्पदंश के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने सख्त निगरानी तंत्र लागू किया है। अब सरकारी और निजी अस्पतालों सहित क्लीनिकों को सर्पदंश के हर मामले की तत्काल सूचना देनी होगी। सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा ने समयबद्ध तरीके से डेटा साझा करने के निर्देश दिए हैं।
आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज होगा मरीजों का पूरा ब्योरा
प्रदेश सरकार ने सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है। इसके तहत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करने के साथ आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल पर भी एंट्री जरूरी होगी। इससे जिले में सर्पदंश के मामलों की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने और अधिक प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित करने में आसानी होगी।
स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों के आधार पर संवेदनशील इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की मांग का सटीक आकलन किया जा सकेगा। पर्याप्त दवा उपलब्ध रहने से गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे असमय होने वाली मौतों को रोकने में मदद मिलेगी।
झाड़-फूंक छोड़कर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील
सीएमओ ने जनता से अपील की है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय न गंवाएं। सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। समय पर सही डॉक्टरी इलाज मिलने से जानलेवा खतरे और शारीरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।