Baddi News: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में प्रदूषण फैलाने वाली दो औद्योगिक इकाइयों पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई की है। बद्दी स्थित एमएस एसवम एंटरप्राइजेज का बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि खरोटा की एमएस मन्नत एंटरप्राइजेज को तुरंत सील करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बद्दी क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि 12 अगस्त को एसवम एंटरप्राइजेज का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान प्लास्टिक कचरा प्रसंस्करण से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इकाई का एफुलिएंट ट्रीटमेंट प्लांट बंद पाया गया और गंदा पानी परिसर से बाहर बह रहा था।
जांच टीम ने सरसा नदी की ओर जाती हुई एक अवैध बाईपास पाइपलाइन भी पकड़ी। इसके साथ ही घरेलू सीवरेज को भी सीधे बाहर बहाया जा रहा था। पानी के सैंपलों में सीओडी का स्तर तय मानकों से काफी अधिक पाया गया। परिसर में कचरे का रखरखाव बेहद खराब था और कचरा खुले में पड़ा था।
इससे पहले बोर्ड ने कंपनी को प्लास्टिक हटाने और वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत जरूरी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। कंपनी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं करने पर बोर्ड ने यह कड़ा रुख अपनाया है और कार्रवाई का अंतिम निर्णय लिया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. गोपालचंद गौतम ने 19 सितंबर को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए। उन्होंने बिजली बोर्ड के बद्दी स्थित कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिया कि कंपनी की बिजली आपूर्ति तुरंत काट दी जाए और अगले आदेश तक इसे बहाल न किया जाए।
वहीं पांच सितंबर को अधिकारियों ने खरोटा स्थित मन्नत एंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया था। वहां फार्मास्युटिकल वेस्ट की स्ट्रिप्स से एल्युमिनियम निकालने के लिए अवैध भट्टियों का इस्तेमाल हो रहा था। कचरे को खुले में जलाया जा रहा था और अवशेषों को पिघलाकर एल्युमिनियम तैयार किया जा रहा था।
इस प्रक्रिया के लिए कंपनी के पास न तो आवश्यक पूर्व अनुमति थी और न ही प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाए गए थे। बोर्ड ने सात सितंबर को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन कंपनी की ओर से इसका कोई संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया गया।
जवाब लंबित रहने के बाद अब एसडीएम बद्दी संजीव धीमान को पुलिस और क्षेत्रीय अधिकारी की मदद से उद्योग को सील करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इकाई का दोबारा संचालन किसी भी हाल में न हो सके।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के एक्सईएन अतुल परमार ने बताया कि एक उद्योग को सील करने और दूसरे की बिजली काटने के लिखित आदेश संबंधित विभागों को भेज दिए गए हैं। बोर्ड पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाएगा।