Shimla News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छात्र नेताओं ने हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों की ओर राज्यपाल का ध्यान खींचा।
ज्ञापन के माध्यम से अभाविप ने राज्य सरकार द्वारा लाए गए विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। छात्र संगठन का कहना है कि विधेयक वापस होने से उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता बरकरार रहेगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालयों में हाल ही में की गई फीस वृद्धि को भी तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।
विद्यार्थी परिषद ने नौणी स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पालमपुर के कृषि विश्वविद्यालय और हमीरपुर स्थित तकनीकी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपतियों की तत्काल नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण बुनियादी ढांचे के साथ लागू करने की बात कही गई।
छात्र संगठन ने शिक्षण संस्थानों में पैर पसार रही नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। अभाविप ने परिसरों में जागरूकता अभियान चलाने, पेशेवर काउंसलर की नियुक्ति करने और कड़े नशा विरोधी कार्यक्रम लागू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों में ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
अभाविप की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा, “प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन विषयों को लेकर विद्यार्थियों में लगातार रोष है। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े इन विषयों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।” प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से छात्रों के हित में उचित कदम उठाने का आग्रह किया।