Health News: शरीर की मांसपेशियों को सुचारू रूप से चलाने और नसों को सिग्नल भेजने के लिए मैग्नीशियम बेहद अहम पोषक तत्व है। यह दिल की धड़कनों को नियंत्रित रखने के साथ कई रासायनिक प्रतिक्रियाओं में मदद करता है। शरीर में इसकी कमी होने पर कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं।
शरीर के लिए मैग्नीशियम पोषक तत्व क्यों है जरूरी
यह पोषक तत्व मांसपेशियों को सिकुड़ने और आराम देने में सहायता करता है। साथ ही, नसों के बीच संदेश भेजने का काम भी सुगम बनाता है। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन डी को बनाए रखने में भी इसका बड़ा योगदान होता है। यह दिल की धड़कन को सामान्य रखता है।
शरीर में मैग्नीशियम की कमी के लक्षण
शरीर में इस न्यूट्रिएंट्स की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन, जकड़न या मरोड़ महसूस हो सकती है। इसके अलावा अत्यधिक कमजोरी, थकान और एनर्जी का स्तर कम होना आम बात है। हाथ-पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी और दिल की धड़कनों का अनियमित हो जाना भी इसके प्रमुख संकेत हैं।
मैग्नीशियम की कमी के पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं, जिनमें हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और अधिक मात्रा में शराब का सेवन शामिल है। कुछ खास दवाइयों का सेवन करना और पाचन से जुड़ी गड़बड़ियां भी इसके स्तर को गिरा देती हैं। बढ़ती उम्र के साथ भी यह समस्या हो सकती है।
किन चीजों के सेवन से पूरी होगी कमी
भोजन के जरिए इस कमी को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा नट्स, सीड्स, साबुत अनाज, बीन्स, दालें और फलियों की अन्य किस्में भी इसका बेहतरीन स्रोत हैं। यदि खानपान से पूर्ति न हो, तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
यदि आपकी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में मैग्नीशियम कम आता है या भोजन से पूर्ति नहीं होती है, तभी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अत्यधिक डोज लेने से डायरिया, मितली और पेट दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
