Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब मरीजों को सर्जरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने समय पर ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए नए ऑपरेशन थियेटरों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके लिए मौजूदा सुविधाओं और जरूरतों का व्यापक स्तर पर आकलन किया जाएगा।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव के चलते सर्जरी सुविधाओं पर भारी असर पड़ रहा था। स्वास्थ्य विभाग नई योजना तैयार करने से पहले सभी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से जरूरी सुझाव लेगा। संस्थानों की वास्तविक मांग के अनुसार ही आधुनिक ऑपरेशन थियेटरों की स्थापना की जाएगी।
आईजीएमसी शिमला और टांडा में बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं
प्रदेश के शीर्ष अस्पतालों, आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में वर्तमान में 12-12 बड़े ऑपरेशन थियेटर उपलब्ध हैं। पूरे राज्य से गंभीर बीमारियों और जटिल ऑपरेशन के लिए मरीज इन्हीं केंद्रों पर पहुंचते हैं। यहां मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर की तत्काल जरूरत महसूस की जा रही है।
सीमित क्षमता के कारण गंभीर मरीजों को भी अपनी सर्जरी के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा सूची में रहना पड़ता था। नए ऑपरेशन थियेटरों के संचालन से अस्पतालों की सर्जरी क्षमता में भारी इजाफा होगा। इससे मरीजों को समय पर जरूरी उपचार मिलेगा और उनकी जान बचाने में काफी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जमीनी तैयारी
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। नए ऑपरेशन थियेटर स्थापित करने की संभावनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इस दौरान बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता जैसे सभी प्रमुख पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
विशेषज्ञताओं के आधार पर सुविधाओं का विस्तार होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को उनके नजदीकी मेडिकल कॉलेजों में ही बेहतर और त्वरित सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
