Health News: अक्सर लोग शरीर में किसी भी गांठ को देखकर कैंसर के डर से घबरा जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर गांठ कैंसर नहीं होती और हर कैंसर की शुरुआत गांठ से नहीं होती। शरीर कई ऐसे बारीक संकेत देता है, जिन्हें समय पर पहचानना जानलेवा खतरे से बचा सकता है।
कैंसर तब पनपता है जब शरीर की कोशिकाएं असामान्य और अनियंत्रित गति से बढ़ने लगती हैं। ये खराब कोशिकाएं आसपास के स्वस्थ टिश्यूज को नुकसान पहुंचाती हैं और रक्त के जरिए अन्य अंगों में फैलती हैं। कैंसर के 100 से ज्यादा प्रकार हैं, जो शरीर के किसी भी हिस्से को अपनी चपेट में ले सकते हैं।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट: बच्चों में भी बढ़ रहे हैं मामले
आंकड़ों के मुताबिक 2024 में दुनियाभर में कैंसर के कारण करीब एक करोड़ लोगों की जान गई थी। यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर साल चार लाख बच्चे भी इसकी चपेट में आते हैं। फेफड़े, स्तन, कोलन, प्रोस्टेट और पेट का कैंसर दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों की मुख्य वजह बना है।
गांठ के बिना भी दिख सकते हैं यह 10 बड़े संकेत
शरीर में बिना वजह हफ्तों तक रहने वाली खांसी या आवाज का बैठना इसका संकेत हो सकता है। मल-मूत्र में खून आना, यूरिन में जलन, खाना निगलने में लगातार दिक्कत, अपच और भूख न लगना भी चेतावनी हैं। बिना चोट के शरीर पर नीले निशान पड़ना या ब्लीडिंग होना भी गंभीर लक्षण माना जाता है।
स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा पर घाव का न भरना या तिल का रंग बदलना भी चिंताजनक है। बिना डाइट के वजन तेजी से घटना, अत्यधिक थकान, लगातार बुखार और रात में पसीना आना सामान्य नहीं है। ऐसे संकेत दिखने पर बिना घबराए तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराएं ताकि सही समय पर इलाज हो सके।
