Health News: आजकल हाई और लो ब्लड प्रेशर की समस्या बेहद आम हो गई है। अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि सेहतमंद रहने के लिए रोजाना कितना नमक खाना चाहिए। एमबीबीएस और एमडी डॉक्टर बिमल छाजेर ने बीपी के मरीजों के लिए नमक की सही मात्रा और जरूरी बातें बताई हैं।
सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है। इससे ज्यादा होने पर हाई बीपी और 90/60 mmHg से नीचे जाने पर लो बीपी कहलाता है। डॉक्टर छाजेर के मुताबिक हाई बीपी मरीजों को नमक पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि सॉल्ट सेंसिटिविटी की जांच करनी चाहिए।
ऐसे करें सॉल्ट सेंसिटिविटी की जांच, डब्ल्यूएचओ ने बताई सही मात्रा
सॉल्ट सेंसिटिविटी जांचने के लिए तीन दिन सामान्य, तीन दिन ज्यादा और तीन दिन कम नमक खाकर बीपी रीडिंग लें। इससे पता चलेगा कि नमक आपके बीपी को प्रभावित करता है या नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सामान्य व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम यानी करीब एक चम्मच से कम नमक खाना चाहिए।
शरीर में पानी और सोडियम का संतुलन बिगाड़ता है बीपी का स्तर
लो बीपी की स्थिति में शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन और खून की मात्रा घट जाती है। इसलिए लो बीपी में नमक वाला पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके विपरीत हाई बीपी में शरीर में पानी जमा होने से धमनियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे नमक घटाना जरूरी होता है।
दोनों स्थितियों के लक्षणों को पहचानना बहुत आवश्यक है। लो बीपी होने पर कमजोरी, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना और ठंडा पसीना आने जैसे लक्षण दिखते हैं। वहीं हाई बीपी में तेज सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने की शिकायत होती है।