दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का दिल और दिमाग पर गंभीर हमला, डीयू के शोध में पीएम 2.5 को लेकर बड़ा खुलासा

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Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों और आंखों तक सीमित नहीं है। दिल्ली विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग की एक विस्तृत समीक्षा में सामने आया है कि पीएम 2.5 के लगातार संपर्क में रहने से दिल, दिमाग और ब्लड वेसल्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

शोधकर्ताओं ने करीब 129 वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषित हवा में मौजूद महीन कण शरीर में जाकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और अंदरूनी सूजन को काफी बढ़ा देते हैं। इससे सेल्स और टिश्यूज डैमेज होते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा पैदा होता है।

दिमाग के विकास और याददाश्त पर भी पड़ रहा बुरा असर

शोध में पाया गया कि पीएम 2.5 के संपर्क से दिमाग में सूजन आ सकती है। इससे लोगों की संज्ञानात्मक क्षमता घटती है और बच्चों के मानसिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कुछ अध्ययनों में इसका सीधा संबंध अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारियों की जैविक प्रक्रियाओं से भी जुड़ा पाया गया है।

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बढ़ रहा हार्ट अटैक का जोखिम

हवा में घुले सूक्ष्म कण शरीर में फ्री रेडिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का संतुलन बिगाड़ देते हैं। इस स्थिति को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहा जाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित होती है। ब्लड फ्लो में रुकावट आने से दिल पर दबाव बढ़ जाता है, जो हाई बीपी और शुगर के मरीजों के लिए घातक है।

Desh Raj
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