Delhi News: भागदौड़ भरी जिंदगी में काम और रिश्तों का दबाव कई बार मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। जब यह स्ट्रेस बहुत बढ़ जाता है, तो मांसपेशियों में दर्द, खिंचाव और पेट की दिक्कतें जैसी स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। सही समय पर ध्यान न देने से बढ़ा हुआ तनाव शरीर को बीमार कर सकता है।
3 असरदार मनोवैज्ञानिक ट्रिक्स जो दूर करेंगे मानसिक दबाव
तनाव महसूस होने पर कुदरती आवाजें सुनना बेहद फायदेमंद होता है। रिसर्च के अनुसार, पक्षियों और पेड़-पौधों की प्राकृतिक आवाजें सुनने से दिमाग सुरक्षित महसूस करता है और माइंड शांत होता है। यदि आप प्रकृति के करीब नहीं जा सकते, तो मोबाइल या टीवी पर नेचुरल साउंड लगाकर भी सुन सकते हैं। इससे स्ट्रेस से तुरंत रिलीफ मिलता है।
अचानक घबराहट या बेचैनी महसूस होने पर चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारें। साइकोलॉजी के मुताबिक, ठंडा पानी वेगस नर्व को सक्रिय करके पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को बढ़ावा देता है। इससे मस्तिष्क को तुरंत शांत होने का संकेत मिलता है। इसके अलावा, जब भी ज्यादा तनाव महसूस हो, तो धीमी गति से सांस लेने का प्रयास करें।
तनाव में अक्सर सांसें तेज चलने लगती हैं, जिससे घबराहट बढ़ती है। ऐसी स्थिति में ‘फिजियोलॉजिकल साई’ तकनीक अपनाएं। इसमें फेफड़ों को भरने के लिए दो बार पूरी गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस बाहर निकालें। यह ब्रीदिंग पैटर्न दिमाग को तुरंत शांत करता है और आपको तनाव से राहत देकर रिलैक्स महसूस कराता है।