Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला में शुक्रवार को शिक्षा सुधारों पर अहम बैठक हुई। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विषय विशेषज्ञों ने कई अहम सुझाव दिए। इसमें स्कूली पाठ्यक्रम में टांकरी लिपि और मास कम्युनिकेशन को शामिल करने की सिफारिश की गई है।
स्थानीय भाषा और नई शिक्षा नीति पर हुआ मंथन
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए टांकरी लिपि से जुड़ा अध्याय पाठ्यक्रम में जोड़ने की बात कही। इसके अलावा छात्रों में संवाद कौशल और मीडिया साक्षरता बढ़ाने के लिए मास कम्युनिकेशन विषय शामिल करने का सुझाव दिया।
छठी कक्षा से ही मिलेगी करियर गाइडेंस
शिक्षा व्यवस्था को छात्र-केंद्रित बनाने के लिए नियमित करियर काउंसलिंग पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में तय हुआ कि कक्षा 6वीं, 8वीं और 10वीं से ही छात्रों की रुचि और योग्यता के अनुसार शिक्षक मार्गदर्शन देंगे। इससे विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप सही दिशा चुनने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी।