Dharamshala News: एशियाई खेलों की महिला 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर एथलीट सीमा ने देश का मान बढ़ाया है। जीत के बाद उन्होंने अपना अगला बड़ा लक्ष्य 2028 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतना बताया। उनका कहना है कि इस उपलब्धि के बाद वे बिना रुके आगे की कड़ी मेहनत जारी रखेंगी।
जापान में आयोजित इस प्रतियोगिता के दो दिन बाद सीमा पांच हजार मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेंगी। कांस्य पदक जीतने के बाद उनसे देश की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सीमा का मानना है कि एशियाई खेलों का यह पदक उनके बड़े अंतरराष्ट्रीय सफर की महज एक शुरुआत है।
चोट और मुश्किलों के बीच नहीं छोड़ा ट्रैक
सीमा की इस शानदार सफलता के पीछे लंबा संघर्ष और कठिन परिश्रम छिपा है। अभ्यास सत्रों के दौरान गंभीर चोटों और शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। एक समय ऐसा भी आया जब इंजेक्शन के दर्द के चलते दौड़ना बेहद कठिन था, लेकिन वे जल्द ही ट्रैक पर लौट आईं।
साई हॉस्टल धर्मशाला में कोच केहर सिंह पटियाल के मार्गदर्शन ने उनके खेल को नई दिशा दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदकों की बदौलत उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। सही तकनीक और निरंतर अभ्यास ने उन्हें मुश्किल हालात से लड़कर आगे बढ़ना सिखाया।
सफलता का श्रेय मां, कोच और खेल संस्थानों को दिया
सीमा ने अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय मां केसरी देवी, भारतीय खेल प्राधिकरण और एथलेटिक्स फेडरेशन को दिया है। उन्होंने अपने सभी कोचों के प्रति आभार व्यक्त किया। सीमा के अनुसार उचित प्रशिक्षण, सहयोग और सही मार्गदर्शन ने उन्हें हर चुनौती से पार पाने का हौसला और ताकत दी।