15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 30 साल की कठोर कैद, पानीपत फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला

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Panipat News: समालखा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी संदीप को 30 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की यह राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।

हरियाणा के पानीपत जिले के अंतर्गत समालखा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दोषी संदीप को 30 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को तीन वर्ष की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को आर्थिक संबल के रूप में प्रदान की जाए।

यह मामला 22 जून 2024 को आधिकारिक रूप से सामने आया था, जब पीड़िता के पिता ने समालखा थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी पत्नी समालखा की एक कॉलोनी में संदीप नाम के व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, जबकि उनकी दोनों बेटियां पिता के साथ रहती थीं।

पीड़िता ने परिजनों को दी थी घटना की जानकारी

शिकायत के अनुसार, 14 मई 2024 को आरोपी ने 15 वर्षीय किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया था। घटना के बाद पीड़िता ने अपने गांव पहुंचकर माता-पिता को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने बिना देरी किए पुलिस से संपर्क साधा और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पिता की शिकायत पर समालखा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

14 गवाहों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सजा तय

इस संवेदनशील मामले की अंतिम सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में संपन्न हुई। अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ अपराध सिद्ध करने के लिए 14 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए।

इसके साथ ही अदालत के समक्ष वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अदालत ने गवाहों के बयानों और तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों को ठोस पाते हुए संदीप को दोषी ठहराया और उसे 30 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Desh Raj
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