Shimla News: जुब्बल के दोची में एनएच-705 पर मिले शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को आईएसबीटी शिमला से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि शराब पीने के दौरान हुए झगड़े के बाद हत्या की गई और शव को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए हाईवे किनारे फेंका गया था।
शिमला जिला के जुब्बल क्षेत्र में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर नेपाल भागने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) शिमला से दबोच लिया। मामले में जुब्बल थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अभियोग दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सड़क किनारे लथपथ मिला था शव, नाले की ओर मिले थे खून के निशान
घटना 18 अक्टूबर की रात की है, जब शिकायतकर्ता साहिल अपने साथियों के साथ हटकोटी से मंडोल की ओर जा रहे थे। इस दौरान दोची के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-705 पर एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उक्त व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल की प्राथमिक जांच के दौरान मुख्य सड़क से नीचे नाले की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर भी खून के धब्बे मिले, जिससे पुलिस को किसी गंभीर आपराधिक वारदात का संदेह हुआ। मृतक की पहचान 33 वर्षीय धीरेंद्र थापा (पुत्र भीम बहादुर) निवासी नेपाल के रूप में हुई, जो जुब्बल की दोची पंचायत के बाउली गांव में मजदूरी का काम करते थे।
शराब पीने के दौरान हुआ था झगड़ा, दुर्घटना दिखाने की रची साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय स्तर पर खुफिया सूचनाएं जुटाईं। जांच में सामने आया कि घटना से पहले मृतक और दोनों आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनके बीच तीखा विवाद हुआ, जिसके बाद मारपीट में धीरेंद्र थापा की मौत हो गई। इसके पश्चात आरोपियों ने मामले को सड़क हादसा दर्शाने की नीयत से शव को हाईवे के किनारे रख दिया।
मोबाइल बंद कर जंगलों में छिपे, नेपाल भागने से पहले धरे गए
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। वे पहले खड़ापत्थर पहुंचे और वहां से एक पिकअप में लिफ्ट लेकर ठियोग पहुंचे। पुलिस की नाकाबंदी देखकर दोनों ने रात जंगलों में छिपाई और अगले दिन तड़के शिमला पहुंचे।
दोनों आरोपी जब आईएसबीटी शिमला से नेपाल भागने की बस पकड़ने की तैयारी में थे, तभी पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को मौके पर ही धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय सूर्य दमाई उर्फ अनिश (पुत्र गोपाल दमाई) निवासी जिला गुल्मी, नेपाल तथा 27 वर्षीय सुमन खड़का (पुत्र दुर्गा बहादुर खड़का) निवासी जिला सल्यान, नेपाल के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। शिमला पुलिस के अनुसार, जघन्य अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत त्वरित कार्रवाई अमल में लाई गई है।
