Dharamshala News: धर्मशाला की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग नातिन के साथ यौन अपराध के मामले में दोषी नाना को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय लक्ष्मी की अदालत ने दोषी पर 8,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर उसे अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
नाना के साथ रहती थी नाबालिग, फरवरी 2025 में दर्ज हुआ था केस
यह मामला धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक इलाके का है, जहां पीड़िता अपने नाना के साथ ही रहती थी। पीड़िता की शिकायत पर फरवरी 2025 में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक कानूनी साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने दावों को साबित करने के लिए कुल 25 गवाह पेश किए। इसके अलावा पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच रिपोर्ट सहित तमाम अहम दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। इन ठोस सबूतों के आधार पर अभियोजन ने आरोपी के अपराध को साबित किया।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर माना दोषी, सुनाई सजा
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद सभी गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोषी की जेल अवधि बढ़ा दी जाएगी।
इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने अदालत में प्रभावी पैरवी की, जबकि नायब कोर्ट यशपाल ने कानूनी प्रक्रिया में सहयोग किया। अदालत के इस कड़े फैसले से ऐसे जघन्य पारिवारिक अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी संदेश गया है और पीड़िता को न्याय मिला है।