Muzaffarpur News: रक्षाबंधन के त्योहार पर विदेशों में रहने वाले भाइयों की कलाई अब सूनी नहीं रहेगी। भारतीय डाक विभाग ने प्रवासी भारतीयों तक राखी भेजने के लिए अपनी विशेष इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस (ITPS) दोबारा चालू कर दी है। इससे बहनों का प्यार सात समंदर पार आसानी से पहुंचेगा।
अब चौबीस घंटे मिलेगी राखी भेजने की खास सुविधा
डाक विभाग की यह विशेष अंतरराष्ट्रीय सेवा अब 185 देशों के लिए दिन-रात उपलब्ध रहेगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए क्लर्कों को खास ट्रेनिंग दी गई है। मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, छपरा, मोतिहारी और सिवान के रेल डाक सेवा केंद्रों पर यह सुविधा चालू हो चुकी है।
ऑनलाइन ट्रैकिंग से पता चलेगी पार्सल की लाइव लोकेशन
रेल डाक अधीक्षक यू मंडली आशुतोष कुमार ने बताया कि इस सेवा से राखी और उपहार सुरक्षित भेजे जा सकते हैं। इस पार्सल सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली है। इसकी मदद से बहनें घर बैठे अपने भेजे गए पार्सल की लाइव लोकेशन आसानी से देख सकेंगी।
कस्टम क्लियरेंस को देखते हुए समय पर करें बुकिंग
सामान्य तौर पर इस पार्सल को विदेशों में डिलीवर होने में 12 से 15 दिन का समय लगता है। हालांकि, मौसम की खराबी और कस्टम क्लियरेंस की वजह से डाक विभाग ने विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहार से कम से कम 20 दिन पहले बुकिंग जरूर करा लें।
डाक विभाग ने पार्सल भेजने का खर्च किया सस्ता
डाक विभाग ने इस इंटरनेशनल सर्विस के तहत 26 मुख्य देशों के लिए बेहद किफायती बेस रेट तय किए हैं। भूटान, चीन, सिंगापुर और यूएई के लिए शुरुआती कीमत सिर्फ 185 रुपये है। वहीं, नेपाल के लिए 220 रुपये, बांग्लादेश के लिए 240 रुपये और ब्रिटेन के लिए 200 रुपये लगेंगे।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्धारित शुल्क की सूची
इस सूची में अमेरिका के लिए सबसे ज्यादा 400 रुपये का बेस प्राइस तय किया गया है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के लिए 395 रुपये और न्यूजीलैंड के लिए 390 रुपये लगेंगे। वहीं कतर के लिए 385 रुपये, कनाडा के लिए 340 रुपये और फ्रांस के लिए 335 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
यूरोपीय और एशियाई देशों के लिए तय किए गए रेट
यूरोपीय देशों में इटली और स्विट्जरलैंड के लिए 350 रुपये का शुल्क तय हुआ है। जर्मनी, रूस और दक्षिण अफ्रीका के लिए यह बेस प्राइस 245 रुपये है। इसके अलावा जापान के लिए 310 रुपये, श्रीलंका के लिए 305 रुपये, जबकि हांगकांग और मलेशिया के लिए 190 रुपये देने होंगे।
उत्तर बिहार के प्रवासी परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
कुछ समय पहले बंद हुई इस सेवा के दोबारा शुरू होने से उत्तर बिहार के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मुजफ्फरपुर सहित आसपास के जिलों के जिन लोगों के बच्चे विदेश में रहते हैं, वे काफी खुश हैं। अब कम खर्च में भाइयों तक राखी समय पर पहुंच सकेगी।