हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने देश-विदेश के उद्यमियों को किया आमंत्रित, नई औद्योगिक नीति जल्द होगी लागू

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने देश और विदेश के निवेशकों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने हिमाचल को निवेश का सबसे सुरक्षित स्थान बताया। सरकार जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति लागू करेगी, जिसमें उद्योगों को सस्ती और लगातार बिजली दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में द इंडस एंटरप्रेन्योर्स की 23वीं वार्षिक आम बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश का राजस्व घटा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार नई नीतियां बना रही है। इसके तहत सोलन के कंडाघाट में एक आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा।

चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन और पंजाब के साथ बिजली समझौते का ऐलान

बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र को सुविधा देने के लिए चंडीगढ़ से बद्दी तक रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना की जमीन और निर्माण लागत का 50 फीसदी खर्च राज्य सरकार उठाएगी। यह प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा होगा। वहीं, पंजाब को बिजली देने के लिए तीन साल का एग्रीमेंट भी किया जा रहा है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हक को हासिल करने के लिए बातचीत जारी रखने की बात कही। राज्य में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए बिजली दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की गई है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।

पंजाब और हरियाणा के मुकाबले हिमाचल में बिजली दरें बेहद कम

हिमाचल में लघु उद्योगों को 5.50 से 6.20 रुपये, मध्यम उद्योगों को 6 से 6.80 रुपये और बड़े उद्योगों को 5.80 से 6.60 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलती है। पड़ोसी राज्य पंजाब ने भी हाल में दरें घटाई हैं, लेकिन वहां सामान्य समय की दरें हिमाचल से काफी अधिक हैं।

हरियाणा की बात करें तो वहां मूल दरों के साथ अतिरिक्त टैक्स और सरचार्ज जुड़ते हैं। इस कारण वहां उद्योगों के लिए बिजली की प्रभावी कीमत 8 रुपये प्रति यूनिट से अधिक पहुंच जाती है। इसके मुकाबले हिमाचल प्रदेश की पारदर्शी और सस्ती बिजली दरें उद्यमियों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो रही हैं।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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