Brussels News: चीन की दिग्गज टेक कंपनी अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलीएक्सप्रेस पर यूरोपीय यूनियन ने 550 मिलियन यूरो का बड़ा जुर्माना लगाया है। कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म पर नकली और गैरकानूनी उत्पादों की बिक्री रोकने में नाकाम रहने का आरोप है।
यूरोपीय यूनियन के मुताबिक, अलीएक्सप्रेस पर ऐसे कई खिलौने और कॉस्मेटिक उत्पाद बेचे जा रहे थे जो यूरोप के सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। जांच में सामने आया कि नियमों का उल्लंघन करने पर हटाए गए कई सामान दोबारा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गए थे।
डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत की गई बड़ी कार्रवाई
यह कड़ा कदम यूरोपीय यूनियन के डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत उठाया गया है। साल 2022 में लागू हुए इस कानून का मकसद बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही तय करना है। ईयू ने मार्च 2024 में जांच शुरू की थी ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ई-कॉमर्स सेक्टर में किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर लगाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है। इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 120 मिलियन यूरो और चीनी कंपनी टेम्पू पर 200 मिलियन यूरो की पेनल्टी लगाई जा चुकी है।
फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्प चुनेगी कंपनी
अलीएक्सप्रेस ने यूरोपीय आयोग के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। कंपनी का कहना है कि जुर्माने की रकम काफी ज्यादा है और हाल ही में किए गए सुधारों को अनदेखा किया गया है। कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने के संकेत दिए हैं।
यूरोप फिलहाल अलीएक्सप्रेस का सबसे बड़ा बाजार है, जहां उसके लगभग 19.3 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। ईयू ने कंपनी को 20 अक्टूबर तक जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है। समय पर भुगतान न करने पर और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।