New Delhi News: भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के लिए एक नई ऑफलाइन भुगतान सुविधा विकसित की जा रही है। इसकी मदद से इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी भुगतान किया जा सकेगा। इस नई तकनीक से हवाई जहाज, अंडरग्राउंड मेट्रो और नेटवर्क-विहीन जगहों पर भी यूपीआई से लेनदेन संभव हो सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, यूपीआई का संचालन करने वाला नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) इस साल प्रमुख पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल निर्माताओं के उपकरणों का सर्टिफिकेशन करेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद व्यापारी ऑफलाइन मोड में भी यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार कर सकेंगे।
एनएफसी तकनीक से होगा 2,000 रुपए तक का भुगतान
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक की मदद से पीओएस मशीन पर मोबाइल टैप करके 2,000 रुपए तक का भुगतान कर सकेंगे। यह अनुभव पूरी तरह कार्ड आधारित टैप-टू-पे सुविधा जैसा होगा, जिसका उपयोग उड़ानों और अन्य ऑफलाइन जगहों पर पहले से किया जा रहा है।
एनपीसीआई ने साल 2023 में दो एनएफसी-सक्षम स्मार्टफोन के बीच ऑफलाइन भुगतान के लिए यूपीआई लाइट एक्स की शुरुआत की थी। अब इसी तकनीक का विस्तार पीओएस मशीनों तक किया जा रहा है, जिससे दुकानदार और व्यापारी भी पहली बार बिना इंटरनेट के यूपीआई से पेमेंट ले सकेंगे।
बिना पिन दर्ज किए सेकंडों में पूरा होगा लेनदेन
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल रियल टाइम पेमेंट सिस्टम और कार्ड नेटवर्क के बीच के अंतर को खत्म करेगी। मर्चेंट का पीओएस टर्मिनल ऑफलाइन होने पर भी ग्राहक यूपीआई ऐप से टैप करके पेमेंट कर सकेंगे। नेटवर्क वापस आते ही लेनदेन का सत्यापन सिस्टम द्वारा स्वतः पूरा कर लिया जाएगा।
बैंक और थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप्स भी इस फीचर को जोड़ने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए ग्राहकों को अपने यूपीआई लाइट वॉलेट में बैलेंस रखना होगा। इस एनएफसी टैप-टू-पे सुविधा में 2,000 रुपए तक के भुगतान के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे पेमेंट प्रोसेस तेज हो जाएगा।