उत्तराखंड के चमोली में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन, नौ श्रमिकों की मौत और छह लापता

Share

- Advertisement -

Chamoli News: उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भारी भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में नौ श्रमिकों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य अभी भी लापता हैं। राहत दल अन्य फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

गंभीर रूप से घायल 10 श्रमिकों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। इसके अलावा एक घायल को श्रीनगर और एक को पीपलकोटी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह दुखद हादसा गुरुवार शाम लगभग पौने सात बजे के आसपास हुआ।

हादसे के समय सुरंग के अंदर 25 से अधिक मजदूर काम में जुटे हुए थे। सुरंग में फंसे और हताहत हुए ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। टीएचडीसी-एनटीपीसी द्वारा बनाई जा रही 444 मेगावाट क्षमता की इस महत्वपूर्ण परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

यह भीषण हादसा 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर लगभग 1.8 किलोमीटर की गहराई में हुआ। उस समय वहां ग्रेविटी प्वाइंट पर पैकिंग और सेटरिंग का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक टनल के ऊपरी हिस्से में तेज धमाका हुआ और भारी मात्रा में पानी के साथ मलबा अंदर भरने लगा।

झारखंड निवासी घायल प्रत्यक्षदर्शी निस्तरा भिंगरा ने बताया कि धमाके के बाद किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। पानी और मलबे के तेज बहाव में सभी मजदूर इधर-उधर बहने लगे। बचाव टीम के अधिकारियों के मुताबिक, रात में दलदल, पानी और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण राहत अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था।

एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने बताया कि सुरंग में स्थिति बेहद कठिन थी। रात में रेस्क्यू ऑपरेशन रोकने के बाद शुक्रवार सुबह से दोबारा सर्च अभियान शुरू किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे छह लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने और इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने की है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News