Mumbai News: फिल्म पद्मावत के जौहर सीन पर दिए पुराने बयान को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ते विवाद के बीच अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं बताया।
बयान का गलत मतलब निकालने का लगाया आरोप
स्वरा भास्कर ने बताया कि एक कार्यक्रम में निर्देशक संजय लीला भंसाली को लिखे पत्र और फिल्म पर उनकी आपत्ति को लेकर सवाल पूछा गया था। अभिनेत्री का दावा है कि उनके जवाब का गलत अनुवाद कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है ताकि विवाद खड़ा हो सके।
अभिनेत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भाषा समझ न आए तो पूछ लेना चाहिए। मनगढ़ंत कहानियों से लोगों को उत्तेजित नहीं करना चाहिए। जो लोग आलोचना करना चाहते हैं, वे सही बात पर करें। फिल्म का क्लाइमैक्स देखकर उन्हें लगा था कि कोई पीड़िता यह न महसूस करे कि जीवित बच जाना कायरता है।
महिला की जिंदगी शारीरिक पवित्रता से अधिक महत्वपूर्ण
स्वरा ने कहा कि समाज में रेप कल्चर जैसी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। किसी भी फिल्म से यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि महिला की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से बड़ी है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई महिला यौन हिंसा के बाद जीवित रहती है, तो क्या उसकी जिंदगी खत्म होना बेहतर माना जाएगा।
अभिनेत्री ने निर्भया मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने आखिरी वक्त तक दरिंदों का डटकर मुकाबला किया। स्वरा के अनुसार, महिलाओं के संघर्ष और उनके जीवन को हमेशा प्राथमिकता मिलनी चाहिए। किसी भी महिला के जीवन को उसके साथ हुए अपराध के आधार पर कभी कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।