Delhi News: देश के करोड़ों किसान पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये देती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। 23वीं किस्त बीते 20 जून को जारी की गई थी।
अब तक किसानों को 23 किस्तों में 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पिछली बार 9.44 करोड़ किसानों के खाते में 18,880 करोड़ रुपये भेजे गए थे। अब अगली किस्त को लेकर किसान अक्टूबर 2026 की तरफ देख रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी पक्की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
नियम के मुताबिक योजना की किस्त हर चार महीने में जारी होती है। पैसे अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च की अवधि के आधार पर ट्रांसफर किए जाते हैं। इस व्यवस्था के अनुसार 24वीं किस्त अक्टूबर में आ सकती है। किस्त का फायदा पाने के लिए किसानों को अपनी पात्रता, बैंक डिटेल्स और ई-केवाईसी की स्थिति पहले ही जांच लेनी चाहिए।
2019 के अंतरिम बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस योजना की घोषणा की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शुरू किया। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजनाओं में से एक है। इसमें पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की मदद मिलती है ताकि कृषि जरूरतों में राहत मिल सके।
अगर आप योजना के लाभार्थी हैं तो अगली किस्त के लिए ई-केवाईसी पूरी करना अनिवार्य है। ई-केवाईसी तीन आसान तरीकों से की जा सकती है। किसान आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के ओटीपी से, नजदीकी सीएससी सेंटर जाकर बायोमेट्रिक से या फिर मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन से इसे आसानी से घर बैठे या केंद्र पर पूरा कर सकते हैं।
आधार ओटीपी से ई-केवाईसी करने के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। इसके बाद होम पेज पर दिख रहे ई-केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर दर्ज करें और मांगी गई जानकारी भरें। इसके बाद आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करके सबमिट करें। सत्यापन पूरा होते ही प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
ओटीपी में परेशानी होने पर किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी जा सकते हैं। वहां अपना आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ ले जाएं। सीएससी ऑपरेटर फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए आपकी ई-केवाईसी पूरी कर देगा। बायोमेट्रिक मैच होते ही सिस्टम में आपकी ई-केवाईसी स्टेटस अपडेट हो जाएगा।
किसान पीएम किसान मोबाइल ऐप से भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से पीएम किसान ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करें। ऐप में रजिस्टर्ड नंबर से लॉगिन करें और बेनिफिशियरी स्टेटस पर जाएं। यदि स्थिति ‘नो’ दिखे तो ई-केवाईसी चुनें, आधार नंबर दर्ज करें और निर्देशानुसार अपना चेहरा स्कैन करके सत्यापन पूरा करें।
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद किसान पोर्टल पर ‘नो योर स्टेटस’ वाले हिस्से में जाकर अपनी स्थिति देख सकते हैं। हालांकि प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत रिकॉर्ड अपडेट होना जरूरी नहीं है। आधिकारिक नियमों के अनुसार डाटा रिफ्लेक्ट होने में 24 घंटे का समय लग सकता है, इसलिए थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहता है।
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पात्रता शर्तें पूरी करेंगे। आवेदक भारत का नागरिक और छोटा या सीमांत किसान होना चाहिए। उसके पास खेती योग्य जमीन हो और जमीन किसी संस्थागत धारक के नाम न हो। इसके अलावा 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त व्यक्ति और आयकर देने वाले लोग इसके पात्र नहीं हैं।
लाभार्थी स्थिति चेक करने के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। गेट डाटा बटन पर क्लिक करते ही आपकी पूरी लाभार्थी स्थिति स्क्रीन पर आ जाएगी, जिससे भुगतान का पता चलेगा।
किसान गांव की लाभार्थी सूची में भी अपना नाम देख सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट पर ‘बेनिफिशियरी लिस्ट’ विकल्प चुनें। फिर अपने राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करें। गेट रिपोर्ट पर क्लिक करते ही आपके पूरे गांव की लिस्ट सामने आ जाएगी, जिसमें आप आसानी से अपना नाम ढूंढ सकते हैं।
यदि किसी किसान को ई-केवाईसी या स्टेटस चेक करने में दिक्कत आती है, तो वह हेल्पलाइन नंबरों पर मदद ले सकता है। सरकार ने इसके लिए 155261 और 011-24300606 हेल्पलाइन जारी किए हैं। इसके अलावा नए पात्र किसान पोर्टल पर ‘न्यू फार्मर रजिस्ट्रेशन’ विकल्प में जाकर अपना आधार और कैप्चा दर्ज कर नया आवेदन भी कर सकते हैं।
24वीं किस्त जारी होने से पहले किसानों को अपनी ई-केवाईसी, बैंक डिटेल्स और लिस्ट में नाम जरूर जांच लेना चाहिए। किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को समय रहते सुधारने से किस्त का पैसा अटकने की संभावना खत्म हो जाती है। आधिकारिक तारीख का ऐलान होते ही पात्र किसानों के खातों में पैसे सीधे भेज दिए जाएंगे।