सुखोई-35 के बाद ईरान को 90 मिसाइल लॉन्चर देने की तैयारी में रूस, रक्षा दस्तावेजों से हुआ खुलासा

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Moscow News: रूसी रक्षा उद्योग के आंतरिक दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि रूस ने तेहरान के लिए 90 मिसाइल लॉन्चर तैयार करने का अनुबंध किया था। यूक्रेनी खुफिया एजेंसी से जुड़े डलास एनालिटिक्स समूह द्वारा जारी दस्तावेजों में ‘K-10’ कोड के तहत ईरान को APU-L लॉन्चर देने की बात सामने आई है। यह कदम दोनों देशों के मजबूत होते सैन्य रिश्तों को दर्शाता है।

यूक्रेनी रक्षा खुफिया तंत्र से जुड़े अनुसंधान समूह डलास एनालिटिक्स ने रूस के रक्षा उद्योग से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों के आधार पर बड़ा दावा किया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, रूस ने ईरान की सैन्य शक्ति को मजबूती देने के लिए 90 आधुनिक मिसाइल लॉन्चरों की आपूर्ति का अनुबंध तैयार किया था। दस्तावेजों में दर्ज ‘K-10’ कोड के विश्लेषण के आधार पर दावा किया जा रहा है कि यह आपूर्ति तेहरान के लिए निर्धारित की गई थी।

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनुबंध के तहत सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों के संचालन के लिए 90 APU-L लॉन्चर तैयार किए जाने थे। इन लॉन्चरों के कलपुर्जों की उत्पादन समय-सीमा रूस की विनिर्माण व्यवस्था में 2024 के अंतिम महीनों से दिसंबर 2025 तक तय की गई थी। हालांकि, इन दस्तावेजों से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होता कि सभी 90 लॉन्चर ईरान को सौंपे जा चुके हैं या नहीं, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह दोनों देशों के बीच हुए बड़े रक्षा समझौते का पुख्ता प्रमाण है।

क्या है ‘K-10’ कोड और कैसे जुड़ा ईरान से लिंक?

डलास एनालिटिक्स ने पूर्व के रूसी आधिकारिक दस्तावेजों के हवाले से पुष्टि की है कि ‘K-10’ कोड का इस्तेमाल ईरान के संदर्भ में ही किया जाता रहा है। अक्टूबर 2022 के एक आधिकारिक दस्तावेज में याक-130 विमानों के उपकरणों की मांग दर्ज थी, जिसमें प्राप्तकर्ता पक्ष के रूप में स्पष्ट रूप से ‘K10 Iran’ लिखा गया था। इस दस्तावेज पर रूसी रक्षा मंत्रालय के 704वें सैन्य प्रतिनिधि कार्यालय के कार्यवाहक प्रमुख के हस्ताक्षर भी मौजूद थे।

इसके अतिरिक्त, रूसी उत्पादन रिकॉर्ड में K-10 के लिए छह याक-130 विमानों का उल्लेख था। सितंबर 2023 में ईरान के सरकारी मीडिया ने इन विमानों के वायुसेना में शामिल होने की पुष्टि की थी। रिसर्च समूह के अनुसार, ईरानी वायुसेना के एक याक-130 का टेल नंबर सीधे तौर पर रूसी फैक्ट्री रिकॉर्ड से मेल खाता है, जिससे इस कोड की प्रामाणिकता साबित होती है।

90 APU-L लॉन्चर और LMUR मिसाइल की क्षमता

रिपोर्ट के अनुसार, APU-L लॉन्चर विशेष रूप से रूस की LMUR मिसाइल (जिसे ‘प्रोडक्ट 305’ या ‘Kh-39’ भी कहा जाता है) को दागने के लिए बनाए गए हैं। यह एक बेहद सटीक गाइडेड मिसाइल है, जिसे मुख्य रूप से अटैक हेलिकॉप्टरों से दागा जाता है।

इस मिसाइल का कुल वजन लगभग 230 पाउंड है और इसमें 55 पाउंड का वारहेड लगा होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उड़ान के दौरान ऑपरेटर दोतरफा रेडियो लिंक और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम के जरिए इसे नियंत्रित कर सकता है। इससे ऑपरेटर लक्ष्य तक पहुंचने के अंतिम क्षण तक मिसाइल के मार्ग और निशाने की सीधी निगरानी करने में सक्षम रहता है।

Mi-28 अटैक हेलिकॉप्टर और SU-35 की पृष्ठभूमि

ईरान पहले ही रूस से Mi-28 अटैक हेलिकॉप्टर हासिल करने की योजना सार्वजनिक कर चुका है। यह लड़ाकू हेलिकॉप्टर LMUR मिसाइलों को दागने में पूरी तरह सक्षम माना जाता है। जनवरी 2026 में ईरान में Mi-28NE हेलिकॉप्टरों के पहले निर्यात संस्करण की तस्वीरें भी सार्वजनिक हुई थीं। इसके साथ ही, हाल ही में ईरान ने रूस से चौथी पीढ़ी के उन्नत सुखोई-35 (SU-35) लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया पूरी होने की भी पुष्टि की थी। इन सभी रक्षा सौदों से पश्चिम एशिया में सामरिक संतुलन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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